२७-९-२००९। खीरी जिले मैं क़र्ज़ मैं डूबे एक ओंर ग्रामीण दम्पत्ति ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली । यह घटना धोर्हरा कोतवाली के ग्राम मुराउन पुरवा मैं हुई। किसान धर्मपाल कभी १८ एकढ़ का काश्तकार हुआ करता था। लेकिन नदी ने दो सालों मैं १२ एकढ़ जमीन कट कर बहा कर नदी मैं मिला दी थी । इससे पहले धर्मपाल ने विभिन्न बैंकों से लाखों रुपए क़र्ज़ भी ले रखा था । बैंक का क़र्ज़ अदा न कर पाने के कारण वसूली अमीन बकाया अदा करने की दवाब दाल रहा था । मानसिक रूप से परेशान धर्मपाल और उसकी पत्नी धर्मवती ने जहर खाकर जिन्दगी ख़त्म कर ली । इस घटना से उत्तर प्रदेश के किसानो की हालत का अंदाजा लगाना मुश्किल नही है।
किसी शायर ने सही लिखा है --
बुझी न प्यास तो ख़त्म अपनी जिन्दगी कर ली ,
एक नदी ने समुंदर में जाकर खुदकशी कर ली।
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